Monday, May 2, 2016


आज की कहानी  -

ये मेरे चुकलू की पसंदीदा कहानियो में से है. मै सुना सुना के थक  गयी पर वो नहीं थका. पता नहीं उसे इसमें क्या पसंद आया है... जो भी है... ये कहानी उसके लिए

बच्चा और बलून


एक बार एक बच्चा अपने पापा के साथ बाजार गया. उन्हें सब्ज़ी खरीदनी थी. बाजार में सब्ज़ी खरीदने के बाद बच्चे ने बोला, पापा पापा मुझे बलून चाहिए. पापा ने बोला इस बाजार में तो बलून नहीं मिलता, चलो हम दूसरी वाली बाजार चलें. फिर उन्होंने एक ऑटो रोक और पापा ने कहा ,  भैया जरा बलून वाली  बाजार चलना. ऑटो वाले ने चलाया  Wrooooom Wrooooom  ..... और वो पहुंच गए. पापा ने पुछा कितने पैसे हुए,  ऑटो वाले ने कहा २० रूपये। पापा ने पैसे दे दिए।

उस बाजार में उन्होंने देखा खूब सारे बैलून्स थे..... लाल, पीले, नीले, सफ़ेद, काले, बैंगनी, .... पापा ने कहां अरे यहाँ तो खूब सारे बलून हैं और मेरे पास तो इतने पैसे भी नहीं हैं !!!! बच्चे ने बोल नहीं पापा, मुझे बस १ बैलून चाहिए, ज्यादा नहीं चाहिए।  फिर पापा दुकान में गए और दुकान वाले भैया से कहा १ बलून देना बड़ा सा।   पुछा कौन से कलर का, तो बच्चे ने बोला रेड कलर का।  फिर दूकान वाले ने बड़े से धागे में एक बड़ा सा रेड बलून दे दिया।  पापा ने दुकान वाले को पैसे दिए। बच्चा खुश हो गया।

फिर वो ऑटो में बैठ के घर आ गए।  घर में बच्चे ने मम्मा को बैलून दिखाया और बताया ये पापा ने दिलाया है।  मम्मा ने प्यार से बच्चे को गले लगा लिया।


कहानी खत्म। 

Monday, February 15, 2016

आज की कहानी 


बकरी और बन्दूक 


एक दिन एक बकरी बाजार जा रही थी।  उसको बाजार से सब्जी और दूध लाना था।  तभी सामने से एक आदमी आता हुआ दिखाई दिया।  उसके हाथ में एक बन्दूक थी।  बकरी को देख के उसने उसे बन्दूक दिखाई और कहा, मै तुम्हे मार दूंगा।  बकरी को गुस्सा आ गया, उसने अपनी सींग से  को ज़ोर से धूसा मार दिया।  आदमी गिर पड़ा, उसकी बंदूक भी गिर गयी। बकरी ने बन्दूक उठा ली और बोली अब मै  तुम्हे मारूँ? बोलो बोलो.....
और बकरी ने उसे फिर एक लात मारी और बन्दूक भी ले के चली गयी।
आदमी को बहुत चोट आई और खून भी निकलने लगा।  वो डॉक्टर के पास गया तो डॉक्टर ने पुछा ये क्या हुआ. आदमी ने बोला मुझे बकरी ने धूसा मार दिया।  डॉक्टर ने पुछा तुम बकरी को परेशान कर रहे थे? आदमी ने कहा नहीं तो।  तभी उसकी नाक लम्बी हो गयी (This has come from pinnochio) . डॉक्टर ने बोला झूठ बोलते हो देखो नाक लम्बी हो गयी।  अब कभी किसी बकरी को परेशान मत करना।  आदमी ने बोला सॉरी सॉरी अब कभी झूठ नहीं बोलूंगा और कभी किसी को परेशान नहीं करूँगा।
डॉक्टर ने उसे पट्टी बंधी और दवाई दे दी।  आदमी अपने घर चला गया।  फिर बकरी ने भी उसकी बन्दूक वापस कर दी।  

Monday, February 8, 2016

Dev ke liye ek aur kahani....

हाथी के केले 

एक बड़ी सी पहाड़ी थी.... उसपर खूब सारे हाथी रहते थे। वो सब मजे से केले खाते थे और खुश रहते थे. एक बार उनके केले खत्म हो गए. राजा हाथी ने कहा चलो पहाड़ी से नीचे चलते हैं और केले ले के आएंगे।  सब धीरे धीरे उतरना। .. तेज़ मत भागना नहीं तो गिर जाओगे।  सब हाथी नीचे उतरने लगे।  एक छोटा हाथी बहुत बदमाश था , वो दौड़ने लगा.... सबने कहा रुको रुको पर उसने नहीं सुना।  और वो धम्मम् से लुढक गया।  उसको बहुत चोट लगी, खून निकलने लगा।
पहाड़ी के नीचे वाले जंगल में बहुत सारे जिर्राफ रहते थे। वो वह के पेड़ की पत्तिया खाया करते थे।  उन्होंने हाथी को गिरते देखा तो दौड़ के वह गए और उस छोटे हाथी को उठा के डॉक्टर जिर्राफ के पास ले गए।  पीछे पीछे बाकि हाथी भी आ गए।  डॉक्टर ने उसे पट्टी बाँधी, सुई लगाई और सुला दिया।
राजा जिर्राफ ने राजा हाथी से पुछा आपलोग यहाँ क्यों आये हो, तो राजा हाथी ने कहा हम यहाँ नदी के पास से केले लेने आये हैं। राजा जिर्राफ ने कहा क्या आप वह से हमारे लिए थोड़े से orange (संतरे ) भी ले आएंगे? छोटा हाथी तब तक यही सोयेगा और आपके आने तक ठीक हो जाएगा।  राजा हाथी ने कहा ठीक है।
फिर सारे हाथी नदी पर चले गए।  वह उन्होंने खूब सारे केले तोड़े और संतरे भी ले लिए।  अब ले के कैसे जाएँ ? झोला तो लाये ही नहीं..... वह बन्दर की एक दुकान थी, सभी हाथियों ने वह से झोले ख़रीदे और सामान उसमे रख लिया।  वापस आ के उन्होंने जिर्राफ को संतरे दे दिए।  जिर्राफ खुश हो गए, उन्होंने हाथियों को बोला थैंक यू।  हाथियों ने भी बोला आपको भी थैंक यू छोटे हाथी का ध्यान रखने के लिए।
सब हाथी ख़ुशी खुशी पहाड़ी पर वापस चले गए।  इस बार छोटे हाथी ने कोई बदमाशी नहीं की। 

Thursday, January 28, 2016

This is for Dev....


My sweet little boy is growing day by day... and its amazing to see him growing.
One of his favorite hobbies is listening to stories from Mumma... Yes, there are stories from Panchatantra, fairy tales, mythological stories, but along with this surprisingly I found out.. we together are pretty good at creating Stories too!!!!
Dev has his own demand... sometimes he wants to listen the story of a cow, sometimes a boy with a balloon, and sometimes a goat that had a gun!!!IMAGINATIONS!!!!
I wish to pen down those stories that we created for him... They are not great stories, but yet they bring a smile to my Chuklu's face...


Today's Story -


गौमाता को भूख लगी 


एक थी गौमाता। वो घर में रहती थी। खाने में घास खाती थी और प्यास लगती थी तो पानी पीती थी.
रात में वो अपने घर में सोती थी. एक दिन जब सुबह सो के उठी तो उसे भूख लगी पर उसने मन में सोचा मुझे घास नहीं खाना , मुझे रोटी खाना है.... कहा से खाऊ ????

फिर वो बगल वाली आंटी क घर गयी.... उसने आंटी से पुछा, "आंटी रोटी है क्या???" आंटी ने कहा हाँ हाँ रोटी है, अंदर आ जाओ गौमाता।  वो अंदर जा के सोफे पर बैठ गयी। आंटी किचन में गयी, उन्होंने रोटी बनायीं, उसपर घी डाला, गुड़ डाला और गौमाता को दे दिया। गोमाता खुश हो गयी। उसने पेट भर के रोटी खायी और आंटी से कहा, थैंक यू आंटी... आंटी ने कहा वेलकम , फिर आना।

गौमाता अपने घर चली गयी... कहानी खत्म।